July 28, 2017

ख़्वाब आँखों से बाहर जब आ जाते हैं,
तकीये  गीले  हो  जाते  हैं  अश्कों  से!

सन्तोष पुरस्वानी सन्त
२६-७-२०१७

khwaab aa'nkho'n se baahar jab aa jaate hai'n,
takeeye   geele   ho  jaate   hai'n   ashqo'n   se.

Santosh Purswani Sant
26-7-2017

July 27, 2017

मेहनत मशक्क़त तो की थी बहुत,
सिफ़ारिश नहीं थी मगर जेब में !!

सन्तोष पुरस्वानी सन्त
२६-७-२०१७

mehnat mashaqqat to ki thi bahut,
sifaarish nahi'n thi magar jeb mei'n.

Santosh Purswani Sant
26-7-2017

July 26, 2017

बस यही  इक ऐब मुझको  मारेगा,
झूठ मुंह से कभी निकला ही नहीं!

सन्तोष पुरस्वानी सन्त
२६-७-२०१७

bas  yahi  ik aib   mujhko   maarega,
jhooth mu'nh se kabhi nikla hi nahi'n.

Santosh Purswani Sant
26-7-2017