यादें

दिल में मेरे कितनी यादें !! (Yaaden) 31-3-2008

May 25, 2017

(यादें)
दिल में मेरे कितनी यादें,
फूल -तारों जितनी यादें।

बारिश की बूंदों के साथ,
बादलों से छनती यादें।

जब भी मैं तन्हा होता हूँ,
आ जाती हैं तेरी यादें।

घर को रौशन कर देती हैं,
सुबहो जैसी उजली यादें।

नैनों की गलियों से ज़रिये,
दिल में आकर बसती यादें।

दोपहर की धूप की मानिंद,
ज़ीना ज़ीना उतरी यादें।

साथी सारे बिछड़ गए पर,
साथ रह गईं उनकी यादें।

कभी रुलाती कभी हँसाती,
बनती और बिगड़ती यादें।

पल गुज़र जाते हैं पल में,
पर ना गुज़रें पिछली यादें।

मेरे जैसे तुम भी तड़पो,
तुमको याद आएं मेरी यादें।

सुन कर हैराँ हो जाओगे,
'संत'के दिल में इतनी यादें।
#Santosh Purswani "Sant" 31-3-2008