September 25, 2017

पढने वाले पढ़ लेते हैं क्या क्या म,आनी,
लिखने वाले लिख लेते हैं जाने क्या क्या!

© सन्तोष पुरस्वानी सन्त
२५-९-२०१७

padhne wale padh lete hai'n kya kya m'aani,
likhne wale likh dete hai'n jaane kya kya .

© Santosh Purswani Sant
25-9-2017

September 22, 2017

कौन  है  किसके साथ  यहाँ,
सब अपने आप में तनहा हैं।

© सन्तोष पुरस्वानी सन्त
22-9-2017

koun hai kiske saath yahaa'n,
sab apne aap mei'n tanha hai'n.

Santosh Purswani Sant

September 22, 2017

एहवाल  पूछने  उदू  भी  मेरे  पास  आया  है,
महफ़िल में तनहा होना कितना रास आया है।

© सन्तोष पुरस्वानी सन्त
22-9-2017

ehwaal poochhne udoo bhi mere paas aaya hai,
mehfil  mei'n  tanhaa  honaa kitna raas aaya hai.

Santosh Purswani Sant
22-9-2017