September 13, 2017

सज़ा मानूँ........मज़ा मानूँ,
प्यार में ग़म को क्या मानूँ।

© सन्तोष पुरस्वानी सन्त
20-4-2017

sazaa maanu'n.........mazaa maanu'n,
pyaar mei'n gham ko kyaa maanu'n.


© Santosh Purswani Sant
20-4-2017

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